सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कुछ अजीब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड जो टूटने लगभग असंभव है.

   कुछ अजीब गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड जो टूटने लगभग असंभव है.


  दुनियां में तरह तरह के लोग रहते हैं, इनके पास अपनी तरह का अलग ही हुनर या कहें तो यूनिक काम होता है जो किसी और के लिए करना बहुत ही मुश्किल होता है, ऐसे ही लोगों का काम रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए एक संस्था है "गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स"... ये किताब विश्व के लगभग सभी मामलों में रिकॉर्ड दर्ज करती है... इस किताब की खास बात ये भी है कि ये अमेरिका के सार्वजनिक लाइब्रेरीज में सबसे ज्यादा चोरी होने वाली किताब है...! अब बात करते हैं उन रिकॉर्ड्स की जो टूटने लगभग असंभव है...

सबसे लंबा मयूरासन या पीकॉक पोजीशन



  मयूरासन या पीकॉक पोजीशन में सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड कर्नाटक के बेंगलुरु निवासी विजेश एलीक्काट्टेप्पराम्बिल के नाम दर्ज है, इन्होने ये रिकॉर्ड 2019 में बनाया था... इन्होंने इस आसन को 3 मिनट 5 सेकंड तक किया, इतना लंबा मयूरासन करने का आज तक कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं है... इतने लंबे समय तक इस पोजिशन में रहना आसान भी नहीं है... इसलिए इनका ये रिकॉर्ड टूटना लगभग असम्भव है...! उनके वर्ल्ड रिकॉर्ड का वीडियो यहां आप क्लिक करके देख सकते हैं...!


विश्व में किसी जीवित इन्सान की सबसे लंबी नाक



  बहुत सारे ऐसे रिकॉर्ड्स हैं, जो मेहनत और अभ्यास करके तोड़े जा सकते हैं, लेकिन कई वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ऐसे भी हैं जिन्हें अगर आप कुछ भी कर लें तो तोड़ नहीं सकते... क्योंकि ये रिकॉर्ड्स गोड गिफ्टेड होते हैं, मतलब ये जन्मजात होते हैं... इन्हें तोड़ पाना असम्भव ही होता है... जैसे तुर्की के मेमेत ओज्यूरेक की लंबी नाक... मेमेत के नाक की लंबाई 3.46 इंच है... क्या इस वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ पाना संभव है.

अपने आप आंखों की पुतलियां बाहर निकाल लेना.


     ये रिकॉर्ड भी अपने आप में अजीब है... अमेरिका की रहने वाली किम गॉडमैन नामक एक महिला अपनी आंखों की पुतलियों को अपने आप बाहर निकाल लेती हैं... किम गॉडमैन अपनी आंखों की पुतलियों को 11 मिलीमीटर बाहर निकाल सकतीं हैं... यानी लगभग पूरी पुतलियां... ये रिकॉर्ड भी कोई शायद ही तोड़ पाए... क्योंकि ये भी गोड गिफ्टेड है...!उनके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का वीडियो आप यहां क्लिक करके देख सकते हैं..!

रूबिक्स क्युब 


अगला वर्ल्ड रिकॉर्ड तो इनसे भी मुश्किल है... ये रिकॉर्ड तो शायद ना टूटने के लिए ही बना है... चीन के क्यू ज्यान्यू ने जग्लिंग यानी गेंद की तरह उछालते हुए तीन रूबिक्स क्यूब  एक सॉल्व कर लिए... उन्होंने ये तीनों रुबिक्स क्यूब एक साथ 5 मिनट 2.43 सेकंड में सॉल्व कर किए... ये रिकॉर्ड 17 नवंबर 2018 को इटली के रोम में बना... लोगों को तो एक ही रूबिक्स क्यूब सॉल्व करने में कई कई दिन लग जाते हैं... और क्यू जियान्यू ने सिर्फ खेलते हुए तीन रूबिक क्यूब एक साथ सॉल्व कर लिए... ये रिकॉर्ड तोड़ना बिल्कुल नामुमकिन है... हालांकि रिकॉर्ड बनते ही टूटने के लिए हैं, फिर भी ये रिकॉर्ड तो कोई शायद ही तोड़ पाए...!
आप उनका रूबिक्स क्यूब सॉल्व करते हुए का वीडियो यहां देख सकते हैं.

कागज की हवाई जहाज को हाथ से फेंककर चाकू की तरह तरबूज में घुसा देना...


    एक कागज की हवाई जहाज को हाथ से फेंककर कर तरबूज में घुसा देना... बहुत आसान काम नहीं है... लेकिन ये किया है चाइना के जुंगुक ली ने... इन्होंने एक मिनट में 12 तरबूज में हाथ से कागज की हवाई जहाज को फेंककर छेद कर दिए... सोचिए अगर इनके हाथ में कुछ और हों और सामने कोई इंसान हो तो क्या होगा... बहुत विचित्र टाइप के लोग रहते हैं दुनियां में, विशेषकर चाइना में...! 


ये थे कुछ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स... जिनको तोड़ना लगभग असम्भव है... हालांकि कोई भी रिकॉर्ड टूटने के लिए ही बनता है... अब देखना दिलचस्प होगा कि इन रिकॉर्ड्स को कौन और कब तोड़ता है...!  
आपको हमारा ये आर्टिकल कैसा लगा, कमेंट करके जरूर बताइएगा...!

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पॉवर ऑफ अटॉर्नी

 पॉवर ऑफ अटॉर्नी       कई बार हमें कुछ कामों की जरूरत पड़ती है और हम उन्हें कर पाने में सक्षम नहीं होते या अपना काम छोड़कर वह काम करना नहीं चाहते... या हम बीमार होते हैं और हमारे काम रुक जाते हैं तो... ऐसी स्थिति में हम अपने आप को असहाय महसूस करते हैं... ऐसा ही मामलों में काम आती है पावर ऑफ अटॉर्नी...  पावर ऑफ अटॉर्नी होती क्या है...? पावर ऑफ अटॉर्नी एक्ट 1882 के अनुसार एक ऐसा दस्तावेज होता है, जिसके जरिए कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को अपना लीगल प्रतिनिधि नियुक्त करता है...!  जो घोषित करता है वो प्रिंसिपल कहलाता है और जो जिसको घोषित किया जाता है उसे एजेंट कहा जाता है...! एजेंट प्रिंसिपल के स्थान पर ज्यूडिशियल, फाइनेंशियल और अन्य फैसले ले सकता है... प्रिंसिपल के स्थान पर कोई डीड आदि साइन कर सकता है... ये सब कानूनन वैध होते हैं...! एजेंट पावर ऑफ अटॉर्नी के दायरे से बाहर नहीं जा सकता, यानी किसी मामले में मनमानी नहीं कर सकता... अगर एजेंट की वजह से प्रिंसिपल को कोई नुकसान हो जाता है तो उसकी भरपाई एजेंट ही करेगा, ये भी प्रावधान है...!  पावर ऑफ अटॉर्नी कैसे...

किरायेदार से अपनी दुकान या अपना मकान कैसे खाली करवा सकते हैं...?

किरायेदार से अपनी दुकान या अपना मकान कैसे खाली करवा सकते हैं...?        एक परिवार या व्यक्ति के लिए आजीविका जीवन का आधार होती है... आजीविका का अर्थ है... आय का श्रोत, जहां से आपके घर में धन आता है, जिससे आप अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं... ये सरकारी नौकरी या खुद का व्यवसाय हो सकता है... कोई बेरोजगार होता है या आजीविका का स्थाई साधन नहीं होता, ऐसी स्थिति में धन की आवश्यकता रहती है, लेकिन आजीविका स्थाई नहीं होती... तब हमारे पास अपनी संपति होती है... जिसे या तो हम बेच सकते हैं या फिर उसे रेंट यानी किराए पर दे सकते हैं... किराए पर देने का विकल्प सबसे बेहतर होता है... इसमें किसी जरूरतमंद को रहने के लिए घर मिल सकता है या आपके पास कोई दुकान है तो अपनी दुकान चला सकता है... उसकी रहने या व्यवसाय की आवश्यकता पूरी हो जाती है, और उसके माध्यम से आपको धन  की...  लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हम अपना घर या दुकान विश्वास करके किराए पर दे तो देते हैं लेकिन उस संपति को हमारे जरूरत पड़ने पर किरायेदार खाली करनें से मना कर देता है... या फिर दुर्व्यवहार करने पर उतारू हो जाता है....

कोरोना से सूंघने की शक्ति जाने के बाद वापस कैसे लाया जा सकता है...?

  COVID-19 होने पर  सूंघने की शक्ति जाने के बाद, उसे वापस कैसे लाया जा सकता है...?  कोविड नाईनटीन या कोरोना, मानव इतिहास के पूरे दो वर्ष खा चुका है... 2020 और 2021... एक आम धारणा है कि ये बीमारी चीन ने विकसित की और बाकी दुनिया पर डिप्लॉय कर दी... इस धारणा को इससे भी बल मिलता है कि जब बाकी दुनियां में कोरोना तांडव मचा रहा है और चीन अपनी सरपट दौड़ती जिंदगी जी रहा है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं है... ना चीन ने कोई वैक्सीन बनाने की घोषणा की, ना बीमारी से छुटकारा पाने की... फिर कैसे ये महामारी चीन में बेअसर हो गई है...? इस सवाल पर सब चुपी साधे हुए हैं...  द वीकेंड ऑस्ट्रेलियन की चीन से प्राप्त एक गुप्त दस्तावेज के हवाले से छापी गई रिपोर्ट के अनुसार चीन ये वायरस तीसरे विश्व युद्ध को ध्यान में रखते हुए विकसित कर रहा था... इस वायरस का आधार 2015 में आया सारस वायरस है, इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि चीन ने ये वायरस एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए विकसित किया था... लेकिन गलती से ये वायरस समय से पहले ही प्रयोगशाला से बाहर आ गया... और इसका पता चल गया, वरना तबाही का म...